Sugar Price Hike: भारत में 28 अगस्त से त्योहार की शुरुआत होने जा रही है। त्योहार का मतलब होता है खूब सारी मिठाइयां, लेकिन इस बार सबकुछ फीका रहने वाला है। देश में चीनी के दाम लगातार बढ़ते चले जा रहे हैं। रिटेल मार्केट में 1 किलो चीनी की कीमत 64 रुपये पहुंची हुई है। कुछ जगहों पर चीनी के दाम काफी ज्यादा बने हुए हैं। इसका असर आम जनता की जेब के साथ-साथ राजनीति गलियारों में देखने को मिल रहा है। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधने का कम किया है।
Sugar Price Hike को लेकर सरकार का बड़ा बयान
Sugar Price Hike को लेकर भयानक राजनीति के बीच सरकार की तरफ से एक बड़ा बयान सामने आया है। इस पूरे मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने साफ देने का काम किया है। उनका कहना है कि देश में चीनी की कमी नहीं है, साथ ही उन्होंने चीनी के बढ़ते दाम को लेकर दो अहम वजह बताई है।
Sugar Prices Up 40%: BJP’s Inflation Crisis Hits the Common Man
Sugar prices have shot up by nearly 40% in just two months. A country that once exported sugar is now forced to import 10 lakh tonnes of raw sugar duty-free.
Farmers struggle for months to receive their dues,…— Vijay Vasanth (@iamvijayvasanth) August 24, 2026
Sugar Price Hike के पीछे इथेनॉल का हाथ
Sugar Price Hike को लेकर विपक्ष ने सरकार पर ये आरोप लगाया है कि इथेनॉल बनाने के लिए गन्ने का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके चलते देश में चीनी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। साथ ही दाम भी बढ़ रहे हैं। अब नरेंद्र मोदी की सरकार ने इन आरोपों को खारिज करने का काम किया है। सरकार का कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे इथेनॉल का किसी भी तरह का हाथ नहीं है।
Sugar Price Hike मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का कहना है कि त्योहारों में चीनी की सप्लाई और खुदरा कीमतों में बढ़त को लेकर पैदा हो रही चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसके अंदर कच्चे चीनी की अस्थायी आयात भी शामिल है।
भारत समेत दुनियाभर में Sugar Price Hike
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि रेड रॉट बीमारी और अल नीनो के चलते न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में चीनी के साथ कुल एग्रीकल्चर प्रोडक्शन में कमी दर्ज की गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार देश में चीनी के बढ़ते दाम को लेकर काफी ज्यादा परेशान हैं, इसीलिए उन्होंने कई अहम कदम इसको लेकर उठाए हैं। भारत में 280 लाख टन की चीनी की जरूरत है और आज की तारीख में हमारे पास पर्याप्त मात्रा में चीनी का स्टॉक मौजूद है। अब देखना ये होगा कि आने वाले वक्त में सरकार के कदम रंग लाते हैं या फिर नहीं।




