राजधानी दिल्ली में हर साल गर्मियों के दौरान होने वाली पानी की किल्लत और यमुना नदी के लगातार बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने दिल्ली समर एक्शन प्लान 2026 लागू कर दिया है। जल मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा पेश की गई इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य पीक समर के दौरान 1002 MGD (मिलियन गैलन प्रतिदिन) पानी का उत्पादन सुनिश्चित करना और सेप्टिक टैंकर माफिया पर लगाम लगाना है।
दिल्ली समर एक्शन प्लान 2026 के तहत जल आपूर्ति और टैंकरों की ट्रैकिंग
दिल्ली में पानी की कुल मांग 1,290 से 1,300 MGD के बीच रहती है, जबकि जलापूर्ति लगभग 1000 MGD तक ही हो पाती है, जिससे गर्मियों में करीब 300 MGD का घाटा होता है। दिल्ली में कच्चे पानी का लगभग 70% हिस्सा अकेले यमुना नदी से आता है।
पानी की इस कमी और वितरण प्रणाली की खामियों को दूर करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने इस साल गर्मियों में हर महीने 1,221 टैंकर तैनात करने का निर्णय लिया है। इनमें 1,030 किराए पर लिए गए टैंकर और 191 विभागीय टैंकर शामिल होंगे।
पानी की चोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए इन सभी 1,221 टैंकरों में GPS आधारित ट्रैकिंग और जियो टैगिंग की व्यवस्था की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए उन्नत CRM सिस्टम, ‘DJB 1916’ मोबाइल ऐप और AI संचालित चैटबॉट भी लॉन्च किया गया है, जिससे आम लोग पानी से जुड़ी शिकायतें रीयल टाइम में दर्ज करा सकेंगे।
योजना में बुनियादी ढांचे का विस्तार और नए टेंडर
पानी के वितरण और पुराने सीवर नेटवर्क को सुधारने के लिए इस योजना के तहत बुनियादी ढांचे में करोड़ों रुपये का निवेश किया जा रहा है। CAG की रिपोर्ट में जल बोर्ड के सीवर नेटवर्क और यमुना प्रदूषण से जुड़े पुराने प्रोजेक्ट्स में होने वाली देरी व वित्तीय खामियों को उजागर किया गया था। इसी के चलते बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए त्वरित कदम उठाए गए हैं।
यमुना प्रदूषण नियंत्रण और सेप्टिक टैंकर माफिया का अंत
NGT की पूर्व टिप्पणियों के अनुसार, बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज यमुना में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है। इस चुनौती के समाधान के लिए सरकार सीवेज उपचार क्षमता को 1,500 MGD तक ले जा रही है और STP से निकले साफ पानी का इस्तेमाल पार्कों और निर्माण कार्यों में अनिवार्य किया जा रहा है।
केंद्र सरकार के ‘राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन’ (NMCG) के तहत दिल्ली में यमुना संरक्षण के लिए कोंडली, रिठाला और ओखला में कई सीवरेज परियोजनाएं पहले से चल रही हैं।
इस योजना के तहत अब नागरिक केवल 20 से 100 रुपये के शुल्क पर डिजिटल पोर्टल के जरिए अपने सेप्टिक टैंक की सफाई बुक कर सकेंगे। इसके लिए 150 से 200 समर्पित DJB टैंकर तैनात किए जाएंगे जो सीवेज को सुरक्षित रूप से STP तक पहुंचाएंगे। नई नीति के तहत बिना NOC के एक मामूली शुल्क पर घरेलू बोरवेल लगाने की छूट भी प्रदान की जा रही है।
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