गांधीनगर | Taaza Khabar Desk. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मार्च 2026 को महावीर जयंती के पावन अवसर पर गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में बहुप्रतीक्षित सम्राट सम्प्रति म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वे राज्य में ढांचागत विकास को नई गति देते हुए ₹20,000 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा और ऊर्जा परियोजनाओं का शुभारंभ भी करेंगे, जिनमें 109 किलोमीटर लंबा अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे सबसे प्रमुख है।
सम्राट सम्प्रति म्यूजियम: भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर का केंद्र
गांधीनगर के श्री महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित सम्राट सम्प्रति म्यूजियम भारतीय सभ्यता और विशेषकर जैन धर्म की ऐतिहासिक यात्रा को शानदार ढंग से प्रदर्शित करता है। इस संग्रहालय का नाम मौर्य वंश के महान शासक और चक्रवर्ती सम्राट अशोक के पौत्र, सम्राट सम्प्रति के नाम पर रखा गया है।
ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार, सम्राट सम्प्रति को जैन धर्म में वही उच्च स्थान प्राप्त है जो बौद्ध धर्म में सम्राट अशोक को प्राप्त है, जिसके चलते उन्हें ‘जैन अशोक’ भी कहा जाता है।
इस संग्रहालय की परिकल्पना जैन मुनि आचार्य पद्मसागरसूरीश्वरजी द्वारा की गई थी और इसे टोरेंट ग्रुप के ‘UNM Foundation’ के CSR फंड के सहयोग से निर्मित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इसके सात विंग्स भारत के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को समर्पित हैं।
अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे और ₹20,000 करोड़ की परियोजनाएं
सांस्कृतिक धरोहर के लोकार्पण के बाद, प्रधानमंत्री मोदी वाव थराद से बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े ₹20,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें सबसे महत्वपूर्ण परियोजना 109 किलोमीटर लंबा ‘अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे’ (NH-751) है।
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से अहमदाबाद के सरखेज और भावनगर के अधेलई के बीच यात्रा का समय 2.25 घंटे से घटकर मात्र 1 घंटा रह जाएगा। इस राजमार्ग का निर्माण NHAI द्वारा EPC मॉडल के तहत किया गया है और यह केंद्र सरकार की ‘भारतमाला परियोजना’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वर्तमान में यह 4-लेन का राजमार्ग है, लेकिन भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को देखते हुए इसे 8 से 12 लेन तक बढ़ाया जा सकता है और इसमें रेलवे कॉरिडोर के लिए भी पर्याप्त जगह छोड़ी गई है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| राजमार्ग का नाम | अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे (NH-751) |
| कुल लंबाई | 109 किलोमीटर |
| अनुमानित लागत | लगभग ₹5,100 करोड़ |
| समय की बचत | 2.25 घंटे से घटकर 1 घंटा |
| विस्तार क्षमता | 4-लेन से 8 या 12 लेन तक विस्तार संभव |
धोलेरा स्मार्ट सिटी से सीधा संपर्क और आर्थिक लाभ
यह नया एक्सप्रेसवे सीधे ‘धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र’ (Dholera SIR) को जोड़ेगा, जो 920 वर्ग किलोमीटर में फैला भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, यह देश का पहला हाई स्पीड इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल कॉरिडोर है। ‘दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ (DMIC) की रिपोर्ट के अनुसार, इस कनेक्टिविटी से धोलेरा में विदेशी निवेश (FDI) और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे।
बड़े पैमाने पर हो रहे इन निर्माण कार्यों के बीच पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। ‘ग्रीनफील्ड’ प्रोजेक्ट्स में कार्बन उत्सर्जन को संतुलित करने के लिए NHAI द्वारा व्यापक वृक्षारोपण अभियान प्रस्तावित किए गए हैं।
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