JPSC Protest: रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में शुक्रवार को विधानसभा घेराव के दौरान बड़ा हंगामा हो गया। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई। इस घटना के बाद AISA के कार्यकर्ताओं ने युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। हालांकि, कानून-व्यवस्था को संभालते हुए पुलिस ने युवक को भीड़ से बचाकर हिरासत में ले लिया।
‘पेलेट गन से नहीं डरे, स्याही से क्या डरेंगे’- नेहा बोरा
स्याही फेंके जाने की घटना के बाद AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमलों से छात्रों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। बोरा ने कहा कि जब 20 जुलाई को उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया, तब भी वे नहीं डरीं, तो यह साधारण स्याही उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। उन्होंने कहा कि झारखंड ही नहीं, पूरे देश में सरकारी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। उनका कहना था कि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के लिए सिर्फ निजी एजेंसियों को नहीं, बल्कि संबंधित सरकारी अधिकारियों को भी जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
JPSC Protest: दो हफ्तों से जारी है छात्रों का आंदोलन
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर पिछले दो हफ्तों से आंदोलन चल रहा है। शुक्रवार को आंदोलन के 14वें दिन दो महिलाओं समेत पांच छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे रहे। AISA ने पहले ही छात्रों के समर्थन में विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। नेहा बोरा ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात कर 10 अगस्त को होने वाले छात्र आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की बात कही।
CID की ताबड़तोड़ कार्रवाई, मुख्य परीक्षा स्थगित
बढ़ते विरोध-प्रदर्शन के बीच JPSC ने 25 से 27 जुलाई तक होने वाली संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया है। दूसरी ओर, मामले की जांच कर रही CID ने अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के सिलसिले में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से चार बार पूछताछ की जा चुकी है, जबकि रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद के 18 ठिकानों पर छापेमारी की गई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान
मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार अभ्यर्थियों की मांगों और चिंताओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और उचित समय पर सही फैसला लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि प्रदर्शनकारी छात्र सरकार के इस कदम से आश्वस्त होंगे।
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