मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार, 31 मार्च 2026 को एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अश्विनी भिड़े को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का नया प्रमुख नियुक्त किया है। इसके साथ ही अश्विनी भिड़े बीएमसी कमिश्नर का पद संभालने वाली 138 साल पुरानी इस संस्था के इतिहास की पहली महिला बन गई हैं। उन्होंने निवर्तमान कमिश्नर भूषण गगरानी (1990 बैच) का स्थान लिया है, जो अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद सेवानिवृत्त हो गए हैं।
अश्विनी भिड़े बीएमसी कमिश्नर: ‘मेट्रो वुमन’ का शानदार प्रशासनिक सफर
अश्विनी भिड़े 1995 बैच की महाराष्ट्र कैडर की आईएएस अधिकारी हैं, जिनका अब तक का प्रशासनिक करियर बेहद शानदार और परिणाम उन्मुख रहा है। उन्होंने अपनी प्रशासनिक सेवा की शुरुआत कोल्हापुर से की थी और बाद में वे नागपुर तथा सिंधुदुर्ग जिला परिषदों में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। बीएमसी प्रमुख बनने से ठीक पहले वे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थीं।
मुंबईकरों के बीच उनकी पहचान एक तेज तर्रार और विकासोन्मुखी अधिकारी की रही है। मुंबई की महत्वाकांक्षी भूमिगत मेट्रो परियोजना (Line 3) को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें ‘मुंबई की मेट्रो वुमन’ के नाम से भी जाना जाता है। राज्य सरकार द्वारा जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार, वे बीएमसी प्रमुख के साथ-साथ मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभालती रहेंगी।
भारत की सबसे अमीर नगर पालिका और नई जिम्मेदारियां
बृहन्मुंबई महानगर पालिका केवल मुंबई शहर का प्रबंधन नहीं देखती, बल्कि यह पूरे भारत की सबसे अमीर नगर पालिका है। 2026-27 के लिए इसका अनुमानित वार्षिक बजट ₹80,000 करोड़ से अधिक है, जो देश के कई छोटे राज्यों के कुल बजट से भी कहीं ज्यादा है। बीएमसी का संचालन ‘बॉम्बे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1888’ के तहत किया जाता है, जो नगर निगम आयुक्त को शहर के कार्यकारी प्रमुख के रूप में व्यापक प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां प्रदान करता है।
चुनौतियां और विशेषज्ञों का दृष्टिकोण
अश्विनी भिड़े की इस नियुक्ति का कॉर्पोरेट जगत और प्रशासनिक हलकों दोनों में व्यापक स्वागत हुआ है। मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में उनके ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए उन्हें मुंबई के बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ा बदलाव बताया है। विश्व बैंक के शहरी विकास अध्ययनों के अनुसार, स्थानीय निकायों में महिला नेतृत्व होने से नागरिक सेवाओं की डिलीवरी और पारदर्शिता में 15 से 20 प्रतिशत तक का सुधार देखा जाता है।
हालांकि, इस शीर्ष पद पर उनके सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। कुछ प्रशासनिक आलोचकों का मानना है कि एक ही समय में MMRC और बीएमसी जैसे दो अत्यधिक दबाव वाले पदों को संभालना कठिन साबित हो सकता है। इसके अतिरिक्त, मुंबई की पुरानी जलभराव की समस्या, खस्ताहाल सड़कें और ठोस कचरा प्रबंधन नए कमिश्नर की त्वरित परीक्षा लेंगे।
नए वित्तीय वर्ष और आगामी मानसून सीजन के साथ अश्विनी भिड़े के सामने मुंबई को विश्वस्तरीय शहर बनाने की बड़ी चुनौती है। यह ऐतिहासिक नियुक्ति निश्चित रूप से देश की शीर्ष नीति निर्माण भूमिकाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का मार्ग प्रशस्त करेगी।
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