Work From Home के नाम पर Fake Job Offer Scam: छोटे टास्क से भरोसा जीतकर लाखों की ठगी

भारत में बढ़ती बेरोजगारी और वर्क-फ्रॉम-होम संस्कृति का फायदा उठाकर Fake Job Offer Scam तेज़ी से फैल रहा है। इस साइबर ठगी में खासतौर पर फ्रेशर्स, छात्र और पार्ट-टाइम नौकरी ढूंढ रहे युवा निशाने पर हैं। WhatsApp और Telegram के ज़रिये भेजे जा रहे इन फर्जी ऑफर्स में पहले छोटी कमाई दिखाकर भरोसा जीता जाता है और बाद में बड़ी रकम ऐंठ ली जाती है।

देशभर में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के बीच वर्क-फ्रॉम-होम का चलन तेज़ी से बढ़ा है। इसी मौके का फायदा उठाकर साइबर अपराधी फर्जी जॉब ऑफर्स के ज़रिये लोगों को ठग रहे हैं। यह स्कैम आमतौर पर WhatsApp या Telegram पर आए एक साधारण मैसेज से शुरू होता है, जिसमें दावा किया जाता है कि उम्मीदवार का CV “shortlist” हो चुका है।

छोटे ऑनलाइन टास्क से बनता है भरोसे का जाल

मैसेज में बताया जाता है कि घर बैठे आसान ऑनलाइन टास्क करने होंगे, जैसे वीडियो को लाइक करना, प्रोडक्ट को रेट करना या रिव्यू देना। शुरुआत में दिए गए ये टास्क बेहद आसान होते हैं और कई मामलों में स्कैमर ₹200 से ₹300 तक की रकम वास्तव में ट्रांसफर भी कर देता है। यही इस ठगी का सबसे खतरनाक मनोवैज्ञानिक जाल होता है, जिससे पीड़ित को लगता है कि जॉब पूरी तरह असली है।

Security Deposit के नाम पर शुरू होती है असली ठगी

जब पीड़ित को भरोसा हो जाता है कि नौकरी वास्तविक है, तब अगला चरण शुरू होता है। अब उससे कहा जाता है कि ज्यादा कमाई या “earning unlock” करने के लिए security deposit, registration fee या joining charge जमा करना होगा। जैसे ही पीड़ित पैसा ट्रांसफर करता है, हालात अचानक बदल जाते हैं।

इसके बाद WhatsApp मैसेज का जवाब आना बंद हो जाता है, फोन नंबर unreachable हो जाता है और न तो कोई जॉब मिलती है, न ही पैसे वापस आते हैं। कुछ मामलों में फर्जी HR कॉल्स के ज़रिये पीड़ित से बार-बार और पैसे निकलवाने की कोशिश भी की जाती है।

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क्या कहते हैं साइबर एक्सपर्ट्स

साइबर एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि कोई भी असली कंपनी:

  • WhatsApp या Telegram पर जॉब ऑफर नहीं भेजती
  • नौकरी जॉइन करने से पहले किसी तरह की फीस नहीं मांगती
  • अनऑफिशियल ग्रुप्स या टास्क-बेस्ड चैनलों से हायरिंग नहीं करती

इसके बावजूद बेरोजगारी, जल्द कमाई की चाह और भरोसे की वजह से बड़ी संख्या में लोग इस स्कैम का शिकार हो रहे हैं।

Fake Work From Home Scam से जुड़ी अहम बातें

Fake Work From Home जॉब स्कैम में युवाओं को मुख्य रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
WhatsApp और Telegram इस ठगी के प्रमुख माध्यम बन चुके हैं।
शुरुआत में छोटी रकम देकर भरोसा जीता जाता है, जबकि बाद में registration या security fee के नाम पर बड़ा नुकसान होता है।
असली कंपनियां कभी भी upfront payment नहीं मांगतीं।

इसका असर किस पर पड़ रहा है

आम जनता के लिए
किसी भी जॉब ऑफर को स्वीकार करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि बेहद जरूरी है। आसान कमाई के वादे अक्सर ठगी का संकेत होते हैं।

युवाओं और छात्रों के लिए
वर्क-फ्रॉम-होम की चाह में जल्दबाज़ी भारी नुकसान का कारण बन सकती है। केवल verified job portals और company websites पर ही भरोसा करना चाहिए।

इंडस्ट्री के लिए
डिजिटल हायरिंग बढ़ने के साथ-साथ फर्जी भर्तियों का खतरा भी बढ़ा है, जिससे भरोसेमंद रिमोट जॉब मार्केट प्रभावित हो रहा है।

सरकार और नीति-निर्माताओं के लिए
साइबर क्राइम को लेकर जागरूकता बढ़ाने और शिकायत निवारण प्रक्रिया को और तेज़ करने की जरूरत है।

बढ़ती चिंता का कारण

हाल के महीनों में कई राज्यों से वर्क-फ्रॉम-होम जॉब स्कैम के मामले सामने आए हैं। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स साइबर ठगों के लिए नया हथियार बनते जा रहे हैं, जबकि साइबर हेल्पलाइन और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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