CoinDCX फ्रॉड केस: संस्थापकों की गिरफ्तारी और 71.6 लाख की ठगी का पूरा सच

ठाणे | Taaza Khabar Desk. ठाणे पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म CoinDCX के दो को-फाउंडर्स — सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल — को 71.6 लाख रुपये के कथित फ्रॉड के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। मुंब्रा पुलिस की एक टीम ने शनिवार, 21 मार्च 2026 को बेंगलुरु से दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई 16 मार्च को मुंब्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है।

कैसे हुई ठगी?

इस मामले में शिकायतकर्ता 42 वर्षीय एक बीमा सलाहकार है। उसने आरोप लगाया है कि अगस्त 2025 से मार्च 2026 के बीच उसे 71.6 लाख रुपये का चूना लगाया गया। पुलिस के अनुसार, पीड़ित को महाराष्ट्र में कंपनी की फ्रेंचाइजी देने और निवेश पर हर महीने 10-12% रिटर्न का लालच दिया गया था।

शिकायतकर्ता ने अलग-अलग समय पर नकद और ऑनलाइन माध्यमों से कुल 71,60,015 रुपये ट्रांसफर किए। हालांकि, वादे के मुताबिक न रिटर्न मिला और न ही रकम वापस की गई। जब कथित आरोपी संपर्क से बाहर हो गए, तब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। एफआईआर में CoinDCX के को-फाउंडर्स समेत कुल छह लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी और क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट की धाराएँ लगाई गई हैं।

मामले में नया मोड़ — पैसे वापस, जमानत याचिका दायर

24 मार्च 2026 को इस मामले में एक अहम बदलाव आया। पीड़ित ने ठाणे कोर्ट में हलफनामा पेश कर बताया कि एक आरोपी ने उसे 71.6 लाख रुपये की पूरी रकम वापस कर दी है। इस शपथपत्र के बाद संस्थापकों की ओर से जमानत याचिका दायर की गई है, जिस पर अदालत ने फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

कंपनी का पक्ष — “फाउंडर्स को फंसाया गया”

CoinDCX ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि उसके को-फाउंडर्स के खिलाफ दर्ज एफआईआर पूरी तरह झूठी है। कंपनी का दावा है कि कुछ लोग CoinDCX के संस्थापकों का रूप धारण कर निवेशकों को ठग रहे थे और पैसा सीधे थर्ड पार्टी खातों में ट्रांसफर किया गया, जिनका मूल कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है।

कंपनी ने बताया कि उसने अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक चेतावनी जारी की है और संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।

फर्जी वेबसाइटों का बढ़ता खतरा

CoinDCX के अनुसार, 1 अप्रैल 2024 से 5 जनवरी 2026 के बीच कंपनी ने अपनी वेबसाइट coindcx.com की नकल करने वाली 1,212 से अधिक फर्जी वेबसाइटों की शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा जुलाई 2025 में कंपनी को 44.2 मिलियन डॉलर के एक गंभीर सर्वर ब्रीच का भी सामना करना पड़ा था। भारत में ही वज़ीरएक्स (WazirX) को 230 मिलियन डॉलर की हैकिंग का शिकार होना पड़ा था, जो दर्शाता है कि क्रिप्टो सेक्टर में साइबर खतरे किस तेजी से बढ़ रहे हैं।

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