काबुल, 17 मार्च 2026 | Taaza Khabar Desk. रमजान के 28वें रोजे की रात अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक दर्दनाक हादसा हुआ। 16 मार्च 2026 की रात करीब 9 बजे पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक ने काबुल के 2,000-बेड वाले Omid नशामुक्ति अस्पताल को तबाह कर दिया। अफगान सरकार के मुताबिक इस हमले में 400 लोगों की जान गई और 250 से अधिक घायल हैं। इस भीषण हमले के बाद राशिद खान और नवीन उल हक सहित कई प्रमुख अफगान क्रिकेटरों ने पाकिस्तान पर कड़ा हमला बोला है।
रमजान की रात काबुल में तबाही
अफगान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने X पर बताया कि पाकिस्तानी सेना ने रात 9 बजे काबुल के Omid Addiction Treatment Hospital को निशाना बनाया। अस्पताल के बड़े हिस्से मलबे में तब्दील हो गए। Omid अस्पताल, जिसका अर्थ ‘उम्मीद’ है, 2016 में एक पुराने NATO कैंप में स्थापित किया गया था और नशे की लत से पीड़ित हजारों युवाओं का इलाज करता था।
अफगान स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शरफत जमान ने बताया कि बचाव दल अभी भी मलबे से शव निकाल रहे हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल के पास कोई सैन्य प्रतिष्ठान नहीं था।
T20I कप्तान इब्राहिम जादरान उस वक्त काबुल में ही मौजूद थे। उन्होंने X पर लिखा कि उन्होंने एक जबरदस्त धमाका सुना और आसमान में अस्पताल की तरफ से आग की लपटें उठती देखीं। उन्होंने लिखा कि जो भाई अगले दिन सहरी के लिए उठने वाले थे, वे अब या तो चले गए हैं या घायल हैं।
क्रिकेटरों का गुस्सा — युद्ध अपराध का आरोप
स्पिनर राशिद खान ने X पर लिखा कि चाहे जानबूझकर हो या गलती से, नागरिक घरों, शैक्षणिक संस्थानों या चिकित्सा ढांचे को निशाना बनाना युद्ध अपराध है। उन्होंने UN और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से इस हमले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
तेज गेंदबाज नवीन उल हक ने Facebook पर लिखा कि इजरायल और पाकिस्तानी शासन के बीच कोई फर्क खोजना मुश्किल है।
मोहम्मद नबी ने लिखा कि रमजान की 28वीं रात काबुल में एक अस्पताल में उम्मीद बुझ गई। इलाज के लिए आए युवाओं की जान चली गई। माताएं अस्पताल के गेट पर अपने बेटों के नाम पुकारती रहीं, जो कभी नहीं लौटे।
विकेटकीपर रहमनुल्लाह गुरबाज़ ने पूछा कि रमजान में अफगानिस्तान के अस्पताल पर बमबारी हुई, अब अंतरराष्ट्रीय कानून कहाँ है और इंसानियत कहाँ है।
पाकिस्तान का जवाब — ‘सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया’
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने X पर लिखा कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल और नांगरहार में आतंकी ढांचे और गोला-बारूद भंडारण सुविधाओं को सटीक रूप से निशाना बनाया। उन्होंने अफगान दावों को भ्रामक और झूठा बताते हुए कहा कि किसी भी नागरिक स्थान को नुकसान नहीं पहुँचाया गया।
PM शहबाज शरीफ के प्रवक्ता ने भी अस्पताल पर हमले के आरोपों को निराधार बताया।
डूरंड लाइन विवाद और बढ़ता संघर्ष
यह हमला फरवरी 2026 से जारी पाक-अफगान सीमा संघर्ष की सबसे बड़ी कड़ी है। पाकिस्तान ने इस युद्ध को ‘ओपन वॉर’ घोषित किया है। Qatar की मध्यस्थता में बनी ceasefire फरवरी में टूट गई थी। चीन के विशेष दूत दोनों देशों के बीच युद्धविराम के लिए शटल डिप्लोमेसी कर रहे हैं।
UNAMA ने बयान जारी कर कहा कि फरवरी से अब तक इस संघर्ष में कम से कम 76 नागरिकों की जान जा चुकी है और 213 घायल हुए हैं। संस्था ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अस्पतालों पर हमला पूरी तरह प्रतिबंधित है।
UN Special Rapporteur Richard Bennett ने कहा कि वे ताजा रिपोर्टों से स्तब्ध हैं और सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की।
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