नई दिल्ली। भारत में डिजिटल भुगतान लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2026 में यूपीआई के जरिए 20.39 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जो पिछले साल की तुलना में 27% अधिक है। इस दौरान कुल ₹26.84 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ जो सालाना आधार पर 22% की बढ़त है।
रोजाना 72 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन
फरवरी में यूपीआई का औसत दैनिक ट्रांजैक्शन 72.8 करोड़ रहा जबकि जनवरी में यह 70 करोड़ था। प्रतिदिन औसत लेनदेन राशि भी जनवरी के ₹91,403 करोड़ से बढ़कर ₹95,865 करोड़ पर पहुंच गई। वित्त मंत्रालय द्वारा कराए गए एक अध्ययन के अनुसार यूपीआई अब देश के कुल डिजिटल भुगतान का 57% हिस्सा है और नकद लेनदेन (38%) को पीछे छोड़ चुका है।
जनवरी 2026 था अब तक का सबसे बड़ा महीना
जनवरी 2026 में यूपीआई ने 21.70 अरब ट्रांजैक्शन के साथ अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड बनाया था, जिसमें कुल ₹28.33 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ था। फरवरी में संख्या थोड़ी कम इसलिए रही क्योंकि यह छोटा महीना था।
839 करोड़ एक्टिव यूजर, 691 बैंक जुड़े
अभी देश में 83.9 करोड़ एक्टिव यूपीआई यूजर हैं और 691 बैंक इस नेटवर्क से जुड़े हैं। PhonePe 60 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर के साथ सबसे बड़ा यूपीआई ऐप बना हुआ है। यूपीआई अब भारत के अलावा UAE, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस में भी स्वीकार किया जाता है।
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2029 तक ₹532 लाख करोड़ का लक्ष्य
विशेषज्ञों का अनुमान है कि FY2026-27 तक यूपीआई ट्रांजैक्शन सालाना 37.9 अरब तक पहुंच जाएंगे। 2029 तक यूपीआई का सालाना लेनदेन ₹532 लाख करोड़ यानी 6.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो खुदरा डिजिटल भुगतान का 90% होगा।
