भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ई-लर्निंग बाजार, 2030 तक ₹2.5 लाख करोड़ का होगा EdTech सेक्टर

नई दिल्ली। भारत में ऑनलाइन शिक्षा का विस्तार तेजी से हो रहा है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार भारत अब अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ई-लर्निंग बाजार बन चुका है।

70% छात्र पसंद कर रहे हैं ऑनलाइन पढ़ाई

बाजार शोध संस्था Market Research Future के अनुसार 2025 में भारत के 70% से अधिक छात्र ऑनलाइन कोर्स को पारंपरिक शिक्षा के मुकाबले अधिक सुविधाजनक और किफायती मानते हैं। स्मार्टफोन और सस्ते इंटरनेट की बढ़ती पहुंच ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में डिजिटल लर्निंग को नई रफ्तार दी है।

K-12 सेगमेंट में सबसे तेज बढ़त

EdTech सेक्टर में स्कूली शिक्षा यानी K-12 सेगमेंट सबसे बड़ा है, जिसकी 2025 में बाजार हिस्सेदारी 43% है। इसके पीछे छात्रों की बड़ी संख्या, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अभिभावकों का डिजिटल शिक्षा में बढ़ता निवेश है। वहीं 81% EdTech प्लेटफॉर्म क्लाउड-बेस्ड हैं, जिससे किसी भी डिवाइस से आसानी से एक्सेस किया जा सकता है।

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ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही डिजिटल शिक्षा

सरकार की डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत दूरदराज के इलाकों में भी ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। बजट 2025-26 में एआई फॉर एजुकेशन के लिए ₹500 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिससे पर्सनलाइज्ड लर्निंग अनुभव को और बेहतर बनाया जाएगा।

AI बदलेगा पढ़ाई का तरीका

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और ऑगमेंटेड रियलिटी अब शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रवेश कर चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार AI-आधारित अडेप्टिव लर्निंग टूल्स हर छात्र की जरूरत के हिसाब से पाठ्यक्रम तैयार करने में सक्षम हैं। 2025 में इस सेक्टर में 5 अरब डॉलर से अधिक निवेश आने का अनुमान है।

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