देश के करोड़ों SBI ग्राहकों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से SBI Cash Withdrawal Rule में भारी बदलाव होने वाला है। यदि आपका खाता बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट (BSBD) की कैटेगरी में आता है तो अब कैश निकलते समय महीने में किए गए ट्रांजैक्शन का हिसाब रखना जरूरी हो जाएगा।
नए SBI Cash Withdrawal Rule के तहत अब महीने में शुरुआती चार कैश निकासी फ्री रहेंगे। इसके बाद में हर अतिरिक्त कैश निकासी पर ₹15+GST देना होगा। मतलब 1 महीने में 5 वीं बार कैश निकालने ₹17.70 अतरिक्त शुल्क लगेगा। इसी प्रकार अगले हर विड्रोल पर यह चार्ज एप्लीकेबल होगा।
इस नए SBI Cash Withdrawal Rule के बारे में स्पष्ट रूप से जानना उन ग्राहकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो नियमित रूप से ATM या बैंक शाखा से पैसे निकालते हैं।
1 अक्टूबर से SBI Cash Withdrawal Rule में क्या बदलाव होगा ?
एसबीआई के नए संशोधित नियम के अंतर्गत 1 अक्टूबर 2026 से बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट खाता धारकों को हर महीने 4 कैश निकासी की मुफ्त सुविधा मिलेगी। इसके बाद होने वाली प्रत्येक अतिरिक्त कैश निकासी पर ₹15 प्रति ट्रांजैक्शन + 18% GST लिया जाएगा।
SBI Cash Withdrawal Rule 2026
| निकासी | शुल्क |
| महीने की पहली निकासी | फ्री |
| दूसरी निकासी | फ्री |
| तीसरी निकासी | फ्री |
| चौथी निकासी | फ़्री |
| पांचवी निकासी | ₹15 + 18% Gst |
| छठवीं निकासी | ₹15 + 18% Gst |
| सातवीं निकासी | ₹15 + 18% Gst |
| अगले महीने तक हर निकासी | ₹15 + 18% Gst |
किन ग्राहकों पर लागू होगा यह नियम ?
- वर्ष 2026 में SBI Cash Withdrawal Rule केवल बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट से जुड़े ग्राहकों पर लागू होगा।
- सामान्य सेविंग अकाउंट के सभी ग्राहकों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
- BSBD वह खाता होता है जहां ग्राहक को बेसिक बैंकिंग सुविधा चाहिए होती हैं और खाते में न्यूनतम बैलेंस की कोई बाध्यता नहीं होती।
- यह एक बेसिक बचत खाता होता है, ऐसे में इसमें चेक बुक की सुविधा नहीं लगती।
- ग्राहक ATM या बैंक शाखा के जरिए पैसा निकाल सकते हैं।

यह नियम क्यों लागू किया गया है?
SBI बैंक में पिछले लंबे समय से डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है। परंतु इसके बावजूद भी ग्राहक छोटी-छोटी जरूरत के लिए नकद निकासी करते हैं। यह निकासी ATM के माध्यम से या बैंक के माध्यम से पूरी होती है।
ऐसे में SBI का मानना है कि BSBD खातों पर SBI Cash Withdrawal Rule लागू होने बाद ग्राहक डिजिटल पेमेंट की सुविधा अपनाएंगे और अपनी कैश जरूरत को बेहतर तरीके से प्लान भी करेंगे।
इससे ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
- SBI Cash निकासी नियम पहली बार में नुकसान कारक रूल लगता है, लेकिन ऐसा नहीं है।
- अगर ग्राहक 1 महीने में चार बार निकासी करते हैं तो उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा।
- इसके अलावा यदि इस शुल्क से बचने के लिए ग्राहक डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो यह उनकी दिनचर्या को बेहतर बनाएगा।
- UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, NEFT, RTGS जैसे डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल कर ग्राहक ऑनलाइन लेनदेन का लाभ उठा सकते हैं जिस पर इस शुल्क का कोई असर नहीं पड़ेगा।
ग्राहकों को किन बातों का ध्यान रखना होगा?
- 1 अक्टूबर 2026 के बाद BSBD खाता धारकों को कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना होगा:
- हर महीने 4 फ्री कैश निकासी पहले से ही प्लान कर लें।
- ज्यादा जरूरत होने पर ही 5 वीं बार कैश विड्रोल करें।
- छोटी-छोटी रकम के लिए बार-बार एटीएम जाने से बचें, जितना ज्यादा संभव हो सके UPI या डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करें।
- हो सके तो BSBD खाता कैटेगरी की जगह SBI में कोई और खाता खोल लें।
- बैंक द्वारा जारी नए शुल्क नियमों के बारे में समय समय पर पता करते रहें।
SBI Cash Withdrawal Rule के अंतर्गत अब BSBD खाता धारकों की मुसीबतें बढ़ने वाली है। एक महीने में केवल चार कैश निकासी तक की सुविधा फ्री रहेगी, इसके बाद प्रत्येक निकासी पर अतिरिक्त शुल्क भुगतना पड़ेगा। इसलिए अगर खाता धारक BSBD खाते का इस्तेमाल करते हैं तो 1 अक्टूबर 2026 से उन्हें महीने भर की कैश जरूरत की प्लानिंग पहले से करनी होगी। हालांकि UPI या डिजीटल पेमेंट का उपयोग कर इस शुल्क से बचा जा सकता है।
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