अगर आपके सेविंग अकाउंट में तय minimum balance नहीं रहता है, तो बैंक आपसे जुर्माना वसूल सकता है। कई खाताधारकों को इसका अंदाजा तब लगता है, जब उनके खाते से बिना किसी लेन-देन के अचानक पैसे कट जाते हैं। ऐसे में minimum balance से जुड़े नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी हो जाता है।
Minimum Balance क्यों जरूरी होता है
बैंक अपने सेविंग अकाउंट पर एक तय minimum balance बनाए रखने की शर्त रखते हैं। यह राशि बैंक, अकाउंट के प्रकार और ब्रांच के स्थान (शहरी, अर्ध-शहरी या ग्रामीण) के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। बैंक इस राशि का इस्तेमाल अकाउंट में दी जा रही सुविधाओं और संचालन खर्च के लिए करते हैं।
Minimum Balance न रखने पर क्या नुकसान हो सकता है
अगर खाते में तय न्यूनतम राशि नहीं रहती है, तो बैंक penalty चार्ज काट सकता है। बार-बार नियम टूटने पर कुछ मामलों में अकाउंट निष्क्रिय भी हो सकता है। इसके अलावा ATM, UPI और अन्य डिजिटल बैंकिंग सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती हैं।
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Penalty से कैसे बच सकते हैं खाताधारक
खाताधारकों को सबसे पहले अपने बैंक और अकाउंट टाइप के अनुसार minimum balance की सीमा पता होनी चाहिए। खाते में नियमित लेन-देन बनाए रखना और समय-समय पर बैलेंस चेक करते रहना जुर्माने से बचा सकता है। जिन लोगों के लिए minimum balance बनाए रखना मुश्किल है, वे zero balance account का विकल्प भी चुन सकते हैं।
खाताधारकों के लिए जरूरी सलाह
बैंक समय-समय पर अपने नियम और चार्ज में बदलाव करते रहते हैं। ऐसे में खाताधारकों को SMS, ई-मेल या बैंक की आधिकारिक सूचना पर नजर रखना चाहिए। अकाउंट से जुड़ी शर्तों की जानकारी रखने से अनावश्यक कटौती से बचा जा सकता है।
संक्षेप में समझें
Saving Account में minimum balance बनाए रखना जरूरी है।
नियम न मानने पर बैंक जुर्माना काट सकता है।
सही जानकारी और सतर्कता से पैसे की बचत संभव है।
