Home Loan Guide: सही ब्याज दर और PMAY सब्सिडी न चुनकर फायदा खो रहे हैं? पूरी जानकारी अभी जानें

“अपना घर”—हर इंसान का सबसे बड़ा सपना और शायद जिंदगी का सबसे बड़ा निवेश भी। लेकिन आज के दौर में प्रॉपर्टी की कीमतें इतनी ज्यादा हैं कि एक बार में पूरा पैसा चुकाना लगभग नामुमकिन है। यहीं काम आता है Home Loan (गृह ऋण)

अगर आप भी Home Loan लेने की सोच रहे हैं, तो यह गाइड आपके लाखों रुपये बचा सकती है। हम आपको बताएंगे कि बैंक कैसे चुनें, ब्याज कैसे कम कराएं और PMAY सब्सिडी (₹2.67 लाख की छूट) का फायदा कैसे उठाएं।

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Home Loan क्या है? (Basics)

Home Loan वह पैसा है जो बैंक या वित्तीय संस्थान (NBFC) आपको घर खरीदने, बनाने या रिनोवेट (Renovate) कराने के लिए उधार देता है।

  • गिरवी (Mortgage): जब तक आप लोन का पूरा पैसा नहीं चुका देते, तब तक घर के असली कागज बैंक के पास गिरवी रहते हैं।
  • अवधि (Tenure): यह लोन लंबी अवधि (15 से 30 साल) के लिए मिलता है।
  • LTV (Loan to Value): बैंक प्रॉपर्टी की कीमत का केवल 75% से 90% तक ही लोन देता है। बाकी 10-25% (Down Payment) आपको खुद देना होता है।

ब्याज दर: Fixed vs Floating (Interest Rate)

लोन लेते समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है—ब्याज दर कौन सी चुनें?

1. Floating Interest Rate (फ्लोटिंग दर)

  • यह रेपो रेट (Repo Rate) से जुड़ी होती है।
  • अगर RBI रेट घटाता है, तो आपकी EMI कम हो जाएगी। अगर रेट बढ़ता है, तो EMI बढ़ जाएगी।
  • फायदा: यह आम तौर पर फिक्स्ड रेट से 1-2% सस्ती होती है।
  • सलाह: 90% लोग इसी को चुनते हैं और यही बेहतर है। इसमें Pre-payment Penalty भी जीरो होती है।

2. Fixed Interest Rate (फिक्स्ड दर)

  • पूरी लोन अवधि के लिए ब्याज दर एक समान रहती है।
  • नुकसान: यह महंगी होती है और अगर भविष्य में रेट कम हुए, तो आपको फायदा नहीं मिलेगा।

PMAY सब्सिडी: ₹2.67 लाख की छूट (Pradhan Mantri Awas Yojana)

अगर आप पहली बार घर खरीद रहे हैं (First Home Buyer) और आपकी सालाना आय ₹18 लाख से कम है, तो आप CLSS (Credit Linked Subsidy Scheme) के तहत ब्याज में छूट पा सकते हैं।

  • EWS/LIG (आय ₹6 लाख तक): 6.5% की ब्याज सब्सिडी (मैक्सिमम लाभ ₹2.67 लाख)।
  • MIG-I (आय ₹6-12 लाख): 4% की सब्सिडी (मैक्सिमम लाभ ₹2.35 लाख)।
  • MIG-II (आय ₹12-18 लाख): 3% की सब्सिडी (मैक्सिमम लाभ ₹2.30 लाख)।

(नोट: सरकार समय-समय पर इस स्कीम की डेडलाइन बढ़ाती रहती है, अप्लाई करने से पहले लेटेस्ट अपडेट चेक करें।)

Home Loan के लिए पात्रता (Eligibility)

बैंक आपको लोन देने से पहले ये चीजें चेक करता है:

  1. CIBIL Score: आपका स्कोर 750 से ऊपर होना चाहिए। अगर 700 से कम है, तो लोन रिजेक्ट हो सकता है या ब्याज ज्यादा लगेगा।
  2. आय (Income): आपकी मंथली सैलरी इतनी होनी चाहिए कि EMI कटने के बाद भी घर खर्च के लिए पर्याप्त पैसा बचे। (आमतौर पर सैलरी का 40-50% ही EMI बन सकता है)।
  3. आयु (Age): 21 से 65 साल के बीच।
  4. नौकरी की स्थिरता: आप मौजूदा नौकरी में कम से कम 2-3 साल से हों।

जरूरी दस्तावेज (Documents Checklist)

Home Loan अप्लाई करने से पहले ये फाइल तैयार कर लें:

KYC डोक्यूमेंट्स:

  • पैन कार्ड (अनिवार्य)
  • आधार कार्ड / वोटर आईडी / पासपोर्ट
  • पासपोर्ट साइज फोटो

आय प्रमाण (Income Proof):

  • Salaried: पिछले 3 महीने की सैलरी स्लिप, 2 साल का फॉर्म-16, 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट।
  • Self-Employed: 3 साल का ITR (Income Tax Return), बैलेंस शीट (CA से अटेस्टेड), बिजनेस का रजिस्ट्रेशन प्रूफ।

प्रॉपर्टी के कागज:

  • Agreement to Sale (बिल्डर के साथ एग्रीमेंट)
  • Title Deed (जमीन के कागज)
  • NOC (बिल्डर/सोसाइटी से)
  • मैप और टैक्स रसीद

आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step Process)

  1. रिसर्च करें: ऑनलाइन (BankBazaar/Paisabazaar) पर अलग-अलग बैंकों के रेट्स चेक करें। सरकारी बैंक (SBI, BOB) के रेट्स अक्सर प्राइवेट बैंकों से कम होते हैं।
  2. अप्लाई करें: बैंक जाकर या ऑनलाइन फॉर्म भरें। प्रोसेसिंग फीस (Processing Fee) का चेक दें।
  3. वेरिफिकेशन: बैंक आपकी नौकरी और घर के पते की जांच करेगा।
  4. लीगल और टेक्निकल चेक: बैंक का वकील प्रॉपर्टी के कागजों की जांच करेगा (Legal) और इंजीनियर साइट विजिट करेगा (Technical)।
  5. लोन सैंक्शन (Sanction Letter): अगर सब सही रहा, तो बैंक आपको एक ऑफर लेटर देगा जिसमें लोन अमाउंट और ब्याज दर लिखी होगी।
  6. Disbursement: आप एग्रीमेंट साइन करेंगे और बैंक पैसा सीधे बिल्डर या सेलर के खाते में डाल देगा।

छिपे हुए चार्ज (Hidden Charges) से सावधान!

बैंक अक्सर ब्याज दर कम दिखाते हैं लेकिन इन चार्ज से पैसा कमाते हैं:

  1. Processing Fee: लोन राशि का 0.5% से 1% तक। (त्योहारों पर यह अक्सर माफ होती है)।
  2. Legal & Technical Fee: ₹5,000 – ₹10,000 (वकील और इंजीनियर की फीस)।
  3. MODT Charges: प्रॉपर्टी गिरवी रखने का सरकारी चार्ज (स्टांप ड्यूटी)।
  4. Pre-payment Penalty: फ्लोटिंग रेट लोन पर यह जीरो होनी चाहिए। चेक जरूर करें।

ब्याज बचाने का ‘Pro Tip’ (Save Interest)

Home Loan का गणित अजीब होता है। अगर आप 20 साल का लोन लेते हैं, तो आप बैंक को मूल राशि (Principal) से ज्यादा तो ब्याज चुका देते हैं।

कैसे बचें?
हर साल एक अतिरिक्त EMI (1 Extra EMI per year) चुकाएं।

  • उदाहरण: अगर आपकी EMI ₹20,000 है, तो साल में 12 की जगह 13 बार EMI दें।
  • असर: इससे आपका 20 साल का लोन 17 साल में खत्म हो जाएगा और आप लाखों रुपये ब्याज बचा लेंगे।

अंतिम निष्कर्ष (Conclusion)

Home Loan एक जिम्मेदारी है, बोझ नहीं—अगर इसे सही तरीके से लिया जाए। अपनी क्षमता से ज्यादा बड़ा लोन न लें। Down Payment जितनी ज्यादा करेंगे, EMI उतनी कम होगी। और सबसे जरूरी—अपनी CIBIL रिपोर्ट को हमेशा साफ-सुथरा रखें।

आपका अपना घर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं, आपके परिवार की सुरक्षा है। शुभकामनाएँ!

FAQs: Home Loan से जुड़े सवाल

Q1: क्या मैं पत्नी के साथ ज्वाइंट लोन ले सकता हूँ?
हाँ, और यह बहुत फायदेमंद है। इससे आपकी लोन पात्रता (Eligibility) बढ़ जाती है और दोनों को इनकम टैक्स में छूट (Section 80C और 24b) मिलती है। महिला को प्राइमरी एप्लीकेंट बनाने पर ब्याज दर में 0.05% की छूट भी मिलती है।

Q2: अगर मेरी नौकरी चली गई तो क्या होगा?
घबराएं नहीं। बैंक से संपर्क करें और ‘Moratorium Period’ (कुछ समय की छूट) की मांग करें। या आप ‘Home Loan Insurance’ ले सकते हैं जो ऐसी स्थिति में आपकी कुछ EMI भरता है।

Q3: Home Loan ट्रांसफर (Balance Transfer) क्या है?
अगर आपने 9% पर लोन लिया है और दूसरा बैंक 8% ऑफर कर रहा है, तो आप अपना लोन नए बैंक में शिफ्ट करा सकते हैं। इससे आपकी EMI कम हो जाएगी।

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