IPL की हर टीम अगले 5 साल में 5 बिलियन डॉलर यानी 41,500 करोड़ रुपये की हो जाएगी — यह दावा है IPL के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी का। अभी एक औसत टीम की कीमत 2 बिलियन डॉलर है। तो आखिर इतनी तेज छलांग के पीछे क्या कारण हैं?
- डिजिटल इंडिया का विस्फोट
2030 तक भारत में 1.2 बिलियन स्मार्टफोन यूजर्स होंगे। 5G के विस्तार से मासिक डेटा खपत 62 GB प्रति यूजर तक पहुंचेगी। IPL का सीधा फायदा — ज्यादा viewers, ज्यादा streaming revenue।
2025 के फाइनल को JioCinema पर 67.8 करोड़ बार देखा गया — यह आंकड़ा खुद बताता है कि बाजार कितना बड़ा है।
- मीडिया राइट्स की ऐतिहासिक डील
BCCI ने 2023-27 के लिए 48,390 करोड़ रुपये के मीडिया अधिकार बेचे। इसने IPL को प्रति मैच वैल्यू के आधार पर दुनिया की दूसरी सबसे महंगी खेल लीग बना दिया — NFL के बाद।
- विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी
RCB और राजस्थान रॉयल्स इस वक्त Global Private Equity फंड्स के साथ हिस्सेदारी बेचने की बातचीत के अंतिम चरण में हैं। 2008 में मुंबई इंडियंस सिर्फ 111.9 मिलियन डॉलर में बिकी थी — आज वही टीम 2 बिलियन डॉलर से ऊपर है। यानी 15 से 20 गुना उछाल।
- NBA से तुलना — IPL कहां खड़ा है?
Houlihan Lokey के अनुसार IPL की कुल बिजनेस वैल्यू 2025 में 18.5 बिलियन डॉलर है। Forbes के मुताबिक NBA की सबसे मूल्यवान टीम गोल्डन स्टेट वॉरियर्स 11 बिलियन डॉलर की है। ललित मोदी का कहना है कि 7 से 10 साल में IPL टीमें भी इसी स्तर पर होंगी।
- सब्सक्रिप्शन मॉडल — असली गेम चेंजर
पारंपरिक विज्ञापन मॉडल खत्म हो रहा है। Netflix, Amazon जैसे platforms के बाद अब sports streaming subscription का दौर है। IPL इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभार्थी बनने की स्थिति में है।
क्या कुछ रोक सकता है?
सब गुलाबी नहीं है। कुछ विश्लेषक इन अनुमानों को अति-आशावादी मानते हैं। विदेशी निवेशकों को FEMA नियमों का पालन करना पड़ता है और BCCI से NOC लेना अनिवार्य है। वैश्विक मंदी या भू-राजनीतिक तनाव भी इस रफ्तार को धीमा कर सकता है। ललित मोदी ने खुद इंग्लैंड के द हंड्रेड टूर्नामेंट के 300 मिलियन डॉलर के मूल्यांकन की आलोचना करते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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