ईरान के नए सुप्रीम लीडर को उत्तर कोरिया का समर्थन, अमेरिका-इजरायल पर निशाना
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच उत्तर कोरिया ने कूटनीतिक मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है। प्योंगयांग ने ईरान के नवनियुक्त सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति का आधिकारिक समर्थन किया है और मध्य पूर्व में अस्थिरता के लिए अमेरिका व इजरायल को सीधे जिम्मेदार ठहराया है।
उत्तर कोरिया का बयान
सरकारी समाचार एजेंसी KCNA के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि प्योंगयांग ईरानी जनता और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के फैसले का पूर्ण समर्थन करता है। बयान में अमेरिका और इजरायल के सैन्य अभियानों को “गैरकानूनी आक्रामकता” करार देते हुए कहा गया कि इन्होंने संप्रभु राष्ट्रों पर हमला कर क्षेत्रीय शांति को नष्ट किया है।
पृष्ठभूमि
28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके 56 वर्षीय पुत्र मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया। इस नियुक्ति पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी आपत्ति जताते हुए चेतावनी दी है कि नया नेतृत्व “शांति से नहीं रह पाएगा।”
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शांति और कूटनीति की अपील
किम जोंग उन का परमाणु संकल्प
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान पर हुए हमलों ने किम जोंग उन को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि बिना मजबूत परमाणु क्षमता के किसी भी सत्ता का अस्तित्व असुरक्षित है। ऐसे में उत्तर कोरिया के अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को और तेज़ करने की आशंका है। अमेरिका-दक्षिण कोरिया के ‘फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास ने भी प्योंगयांग का रुख और आक्रामक बना दिया है।
वैश्विक असर
यह घटनाक्रम संकेत देता है कि अमेरिकी नीतियों के विरोधी देश अब रणनीतिक रूप से एकजुट हो रहे हैं। ईरान-उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती यह नजदीकी पश्चिमी देशों के लिए नई कूटनीतिक चुनौती बन सकती है।
