नई दिल्ली। भारत में हवाई यात्रा की मांग तेजी से बढ़ रही है। DGCA के ताजा आंकड़ों के अनुसार 2024 में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 6.12% बढ़कर 16.13 करोड़ तक पहुंच गई, जो 2023 में 15.2 करोड़ थी। गर्मियों की छुट्टियों से पहले ही कई प्रमुख रूट्स पर बुकिंग तेज हो गई है।
2026 में चीन को पछाड़ेगा भारत
एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) के अनुमान के अनुसार 2026 में भारत की हवाई यात्री वृद्धि दर 10.5% रहेगी जबकि चीन की 8.9%। यानी इस साल पहली बार भारत हवाई यात्री वृद्धि दर में चीन को पीछे छोड़ देगा। फिलहाल भारत में 163 हवाई अड्डे चालू हैं और सरकार का लक्ष्य 220 एयरपोर्ट तक पहुंचने का है।
IndiGo का दबदबा, एयर इंडिया का विस्तार
घरेलू बाजार में IndiGo की हिस्सेदारी 2024 में 61.9% रही और उसने अकेले 9.99 करोड़ यात्री ढोए। वहीं Tata Group के तहत Vistara के विलय के बाद Air India और Air India Express मिलकर करीब 26.8% बाजार हिस्सेदारी रखती हैं। घरेलू एयरलाइंस ने कुल 1,700 से अधिक नए विमानों के ऑर्डर दिए हैं जो भविष्य में और क्षमता बढ़ाएंगे।
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दिल्ली-जयपुर सबसे तेज, छोटे शहरों तक पहुंचा नेटवर्क
नवंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली एयरपोर्ट पर 31 लाख सीटें थीं जो 12% सालाना वृद्धि है। जयपुर एयरपोर्ट पर 14% की सबसे तेज बढ़त दर्ज हुई। UDAN योजना के तहत अब तक 637 रूट चालू हो चुके हैं और 92 एयरपोर्ट इस योजना से जुड़े हैं जिनमें 15 हेलीपोर्ट और 2 वाटर एयरोड्रोम शामिल हैं।
बुनियादी ढांचे में ₹96,000 करोड़ का निवेश
FY20 से FY25 के बीच भारतीय विमानन बुनियादी ढांचे में ₹96,000 करोड़ से अधिक का निवेश हो चुका है। सरकार ने 2026 तक एयरपोर्ट विकास के लिए अतिरिक्त 1.83 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है। गोवा के मोपा एयरपोर्ट की क्षमता 2026 तक 44 लाख से बढ़कर 1.31 करोड़ यात्री सालाना होने वाली है।
