नई दिल्ली। भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। मार्केट इंटेलिजेंस फर्म Sensor Tower के अनुसार 2025 में भारत दुनिया का सबसे बड़ा Generative AI ऐप डाउनलोड बाजार बन गया, जहां डाउनलोड में 207% की सालाना वृद्धि दर्ज हुई।
ChatGPT के 18 करोड़ यूजर, Gemini दूसरे नंबर पर
जनवरी 2026 में ChatGPT के भारत में 18 करोड़ मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता थे जो इसे देश का सबसे लोकप्रिय AI प्लेटफॉर्म बनाते हैं। इसके बाद Google का Gemini 11.8 करोड़, Perplexity 1.9 करोड़ और Meta AI 1.2 करोड़ यूजर के साथ आते हैं। OpenAI, Google और Anthropic जैसी दिग्गज AI कंपनियों के CEO नई दिल्ली में आयोजित AI समिट में शामिल हुए — यह भारत की बढ़ती वैश्विक AI ताकत का प्रमाण है।
2032 तक $130 अरब का बाजार
Fortune Business Insights के अनुसार भारत का AI बाजार 2025 में $13.05 अरब का है और 2032 तक 39% CAGR की दर से बढ़कर $130.63 अरब तक पहुंचने का अनुमान है। भारत में दुनिया का 16% AI टैलेंट मौजूद है और GitHub पर सार्वजनिक Generative AI प्रोजेक्ट्स में भारत दूसरे स्थान पर है।
IndiaAI Mission — ₹10,300 करोड़ का निवेश
सरकार ने मार्च 2024 में IndiaAI Mission लॉन्च किया जिसके तहत ₹10,300 करोड़ यानी करीब 1.25 अरब डॉलर पांच वर्षों में AI इकोसिस्टम विकसित करने में लगाए जाएंगे। इसी के तहत जुलाई 2025 में SOAR कार्यक्रम शुरू किया गया जो कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को AI स्किल्स सिखाएगा, खासकर ग्रामीण इलाकों में।
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हेल्थकेयर से लेकर खेती तक AI का असर
हेल्थकेयर सेक्टर में AI का सबसे अधिक 18% उपयोग हो रहा है — मेडिकल डायग्नोस्टिक्स, बीमारी की जल्द पहचान और दवा खोज में। मैन्युफैक्चरिंग में प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, कृषि में ड्रोन तकनीक और BFSI सेक्टर में फ्रॉड डिटेक्शन के लिए AI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। OpenAI ने भारत में 1 गीगावाट का डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना भी बनाई है।
