नई दिल्ली, 17 मार्च 2026 | Taaza Khabar Desk. ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए नौसैनिक मदद की मांग की है। हालांकि जापान, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और इटली सहित अधिकांश देशों ने इस सैन्य संघर्ष में उतरने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा हो गया है।
ट्रंप की मांग और NATO को चेतावनी
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि जो देश इस जलडमरूमध्य से तेल लेते हैं, उन्हें अपने हितों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। ट्रंप ने NATO को सीधी चेतावनी दी कि अगर सहयोगी देश होर्मुज संकट में मदद नहीं करते तो गठबंधन का भविष्य बहुत खराब हो सकता है।
ट्रंप ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन को नौसैनिक गठबंधन में शामिल होने के लिए कहा और होर्मुज से तेल प्राप्त करने वाले सभी देशों से मदद मांगी।
सहयोगियों का एकतरफा इनकार
जर्मन रक्षा मंत्री Boris Pistorius ने ट्रंप की मांग को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह हमारा युद्ध नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ यूरोपीय फ्रिगेट वहाँ क्या कर सकते हैं जो शक्तिशाली अमेरिकी नौसेना नहीं कर सकती।
EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा कि होर्मुज NATO के कार्यक्षेत्र से बाहर है और यूरोपीय देशों में सैन्य अभियान बढ़ाने की कोई इच्छा नहीं है।
लक्जमबर्ग के विदेश मंत्री Xavier Bettel ने स्पष्ट किया कि NATO का Article 5 तभी लागू होता है जब किसी सदस्य देश पर सीधा हमला हो।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer ने कहा कि यह NATO मिशन नहीं है और ब्रिटेन इस व्यापक युद्ध में नहीं उलझेगा।
होर्मुज बंद होने से वैश्विक तेल संकट
तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुँच गई हैं। US West Texas Intermediate 99.32 डॉलर और Brent Crude 104.84 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रही है।
वैश्विक तेल खपत का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से गुजरता है। युद्ध बीमा की बढ़ती लागत और ईरानी हमलों के कारण यह समुद्री मार्ग लगभग ठप हो चुका है।
जापान, जो अपनी 95 प्रतिशत तेल जरूरतें मध्य पूर्व से पूरी करता है, ने अपने सामरिक तेल भंडार जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दक्षिण कोरिया ने LNG की कमी से निपटने के लिए कोयला बिजली उत्पादन की सीमा हटा ली है।
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भारत पर असर
भारतीय नौसेना एक भारतीय ध्वजवाहक कच्चे तेल के टैंकर को Gulf of Oman से बाहर escort कर रही है। ईरान ने भारत से फरवरी में जब्त तीन टैंकरों को रिहा करने का अनुरोध किया है, जिसके बदले भारत-bound जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित निकास देने पर बातचीत जारी है।
चीन पर दबाव, Xi से मुलाकात टली
ट्रंप ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ उनकी प्रस्तावित बैठक एक महीने के लिए टाल दी गई है। चीनी विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से तुरंत सैन्य अभियान रोकने और तनाव न बढ़ाने की अपील की।
सहयोगी देश इस युद्ध में शामिल होने से इसलिए भी हिचक रहे हैं क्योंकि ट्रंप ने ईरान पर हमला करने से पहले उनसे कोई सलाह नहीं ली थी।
