Ladli Behna Yojana 2026: ₹3000 बढ़ोतरी और नाम बदलने की बड़ी खबर

बड़ी खबर: मध्यप्रदेश की 1.26 करोड़ महिलाओं के लिए लाड़ली बहना योजना अब एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। वर्तमान ₹1500 प्रति माह की राशि को ₹3000 तक बढ़ाने का रोडमैप तैयार हो चुका है। सबसे बड़ा खुलासा: योजना का नाम बदलकर “देवी सुभद्रा योजना” किया जा सकता है। अगर आपका नाम अभी तक लिस्ट में नहीं आया है, तो 25 फरवरी 2026 से शुरू हो रहे तीसरे चरण में आवेदन का मौका मिलेगा। Ladli Behna Yojana 2026

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Ladli Behna Yojana 2026: तीन बड़े बदलाव

1. नाम परिवर्तन: लाड़ली बहना से देवी सुभद्रा योजना

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने योजना के नाम बदलने का संकेत दिया है। भाई दूज के कार्यक्रम में उन्होंने इसे “देवी सुभद्रा योजना” कहकर संबोधित किया। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी इस पर चर्चा हो चुकी है। आधिकारिक घोषणा जल्द होने की संभावना है।

2. राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी का रोडमैप

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट रोडमैप घोषित किया है:

  • वर्तमान: ₹1500 प्रति माह (दीवाली 2025 से)
  • अगली दीवाली तक: ₹1750 प्रति माह
  • 2027 की दीवाली तक: ₹2000 प्रति माह
  • 2028 तक: ₹3000 प्रति माह

3. तीसरा चरण (Ladli Behna 3.0) और नए पंजीकरण

25 फरवरी 2026 से नए आवेदन स्वीकार होंगे। इसमें पहले से छूटी हुई वंचित महिलाओं को शामिल किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए ₹1857 करोड़ का बजट आवंटित किया है।

योजना का पूरा विवरण

विवरणजानकारी
योजना का नामलाड़ली बहना योजना (भविष्य में देवी सुभद्रा योजना)
राज्यमध्य प्रदेश (MP)
लाभार्थीराज्य की विवाहित महिलाएँ (1.26 करोड़+)
वर्तमान मासिक राशि₹1500 प्रति माह
भविष्य में राशि₹3000 प्रति माह (2028 तक)
किस्त की तारीखहर महीने की 10-12 तारीख
आवेदन का तरीकाऑफलाइन (ग्राम पंचायत / वार्ड ऑफिस)
आधिकारिक वेबसाइटcmladlibahna.mp.gov.in
बजट 2025-26₹18,669 करोड़

पात्रता (Eligibility Criteria 2026)

कौन आवेदन कर सकता है?

  • निवासी: मध्य प्रदेश की मूल निवासी महिला
  • वैवाहिक स्थिति: विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिलाएँ
  • उम्र: 21 वर्ष से 60 वर्ष के बीच (कैलेंडर वर्ष की 1 जनवरी की स्थिति में)
  • आय: परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए
  • जमीन: परिवार के पास 5 एकड़ से ज्यादा जमीन नहीं होनी चाहिए
  • रोजगार: परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी नहीं करता हो
  • पेंशन: कोई अन्य ₹1000 से ज्यादा की पेंशन नहीं ले रही हो

कौन पात्र नहीं है?

  • जिसके परिवार में कोई इनकम टैक्स (Income Tax) भरता हो
  • जिसके पास घर में चार पहिया वाहन (Car/Tractor) हो
  • जो पहले से ₹1000 से ज्यादा की किसी अन्य पेंशन का लाभ ले रही हो
  • जिसके परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी हो
  • जिसके परिवार के पास 5 एकड़ से ज्यादा जमीन हो

जरूरी दस्तावेज़ (Documents List)

आवेदन के लिए ये कागज तैयार रखें:

  • समग्र आईडी (Samagra ID): परिवार और सदस्य आईडी
  • आधार कार्ड: मोबाइल नंबर से लिंक होना जरूरी है
  • बैंक खाता: आधार लिंक और DBT सक्रिय होना अनिवार्य है
  • मोबाइल नंबर: जिस पर OTP आएगा

नोट: आय प्रमाण पत्र या मूल निवासी प्रमाण पत्र की अब जरूरत नहीं है, स्व-घोषणा ही काफी है।

आवेदन कैसे करें? (Application Process)

लाड़ली बहना योजना का फॉर्म ऑनलाइन नहीं भरा जाता। इसके लिए कैंप लगते हैं।

Step-by-Step प्रक्रिया:

  1. कैंप में जाएं: अपने ग्राम पंचायत, वार्ड ऑफिस या आंगनवाड़ी केंद्र में जाएं
  2. फॉर्म भरें: वहाँ मौजूद अधिकारी आपका ऑनलाइन फॉर्म भरेंगे
  3. फोटो: आपकी लाइव फोटो (Live Photo) वेबकैम से ली जाएगी
  4. OTP: आपके मोबाइल पर OTP आएगा, उसे बताएं
  5. पावती (Receipt): आवेदन जमा होने के बाद आपको एक प्रिंटेड पावती पर्ची मिलेगी। इसे संभाल कर रखें

कैंप कब और कहाँ लगते हैं?

  • ग्राम पंचायत कार्यालय
  • नगर पालिका/नगर निगम वार्ड ऑफिस
  • आंगनवाड़ी केंद्र
  • स्कूल/सामुदायिक भवन

समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक

लिस्ट में नाम कैसे चेक करें? (Check List Online)

अगर आपने आवेदन किया है, तो लिस्ट में नाम ऐसे देखें:

  1. ऑफिशियल वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं
  2. मेनू में “अंतिम सूची” (Final List) पर क्लिक करें
  3. अपना मोबाइल नंबर डालें और OTP सत्यापित करें
  4. अपना जिला, ब्लॉक और गाँव चुनें
  5. लिस्ट में अपना नाम देखें

अपनी किस्त की स्थिति कैसे चेक करें?

  • वेबसाइट पर “किस्त की स्थिति” विकल्प पर क्लिक करें
  • अपना समग्र आईडी या मोबाइल नंबर डालें
  • पिछली किस्तों का विवरण देखें
  • अगली किस्त की तारीख जानें

सरकार का दावा और आधिकारिक आंकड़े

मुख्यमंत्री मोहन यादव और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में ये आंकड़े प्रस्तुत किए:

  • कुल लाभार्थी: 1.26 करोड़ महिलाएँ (सभी 52 जिलों में)
  • कुल बजट 2025-26: ₹18,669 करोड़
  • अब तक का भुगतान: ₹44,917.92 करोड़ (2023 से अब तक)
  • अक्टूबर 2025 की किस्त: ₹1,541 करोड़
  • दिसंबर 2025 की अपेक्षित किस्त: ₹1,857 करोड़

वित्तीय प्रभाव: इस योजना से मध्यप्रदेश की GDP में 2.3% का सीधा योगदान हो रहा है। महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसे पहुंचने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है।

वित्तीय विवरण और बजट विश्लेषण

बजट आवंटन का वर्षवार ब्रेकडाउन:

वित्तीय वर्षबजट आवंटन (करोड़ रुपये)लाभार्थी संख्याप्रति महिला प्रति माह
2023-24₹12,0001.10 करोड़₹1,000
2024-25₹16,0001.25 करोड़₹1,250
2025-26₹18,6691.26 करोड़₹1,500
2026-27 (अनुमानित)₹22,0001.30 करोड़₹1,750
2027-28 (अनुमानित)₹28,0001.35 करोड़₹2,000
2028-29 (अनुमानित)₹45,0001.40 करोड़₹3,000

स्रोत:

  • वित्त विभाग, मध्यप्रदेश सरकार
  • मुख्यमंत्री कार्यालय की घोषणाएं
  • विधानसभा बजट भाषण 2025

प्रभाव और सफलता की कहानियां

आर्थिक सशक्तिकरण के आंकड़े:

  1. बैंक खाते: 95% महिलाओं ने पहली बार बैंक खाते खोले
  2. मोबाइल उपयोग: 87% महिलाएं अब डिजिटल लेनदेन कर सकती हैं
  3. खर्च में बदलाव: 73% महिलाओं ने बचत करना शुरू किया
  4. स्वास्थ्य खर्च: बच्चों के टीकाकरण में 45% की वृद्धि
  5. शिक्षा: बच्चियों की स्कूल में उपस्थिति 23% बढ़ी

सरकार का दावा:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति में 40% सुधार
  • घरेलू हिंसा के मामलों में 15% की कमी
  • महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता में 30% वृद्धि

भविष्य की योजनाएं और रोडमैप

2026 तक की योजनाएं:

  1. तीसरा चरण (Ladli Behna 3.0): 25 फरवरी 2026 से शुरू
  2. नाम परिवर्तन: “देवी सुभद्रा योजना” की आधिकारिक घोषणा
  3. एकमुश्त भुगतान विकल्प: ₹18,000 से ₹50,000 तक का विकल्प
  4. आत्मनिर्भरता पैकेज: व्यवसाय शुरू करने के लिए विशेष सहायता
  5. पेंशन लिंकेज: अटल पेंशन योजना से जोड़ने की योजना

2028 तक का लक्ष्य:

  • ₹3000 प्रति माह की राशि
  • 1.5 करोड़ लाभार्थी महिलाएँ
  • 100% डिजिटल भुगतान
  • आवास सहायता के साथ एकीकरण

अंतिम राय (Summary)

लाड़ली बहना योजना सिर्फ एक स्कीम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की क्रांति है। ₹1500 की राशि एक महिला को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने से बचाती है। भविष्य में ₹3000 तक पहुंचने की योजना और “देवी सुभद्रा योजना” के नाम से नए चरण की शुरुआत इसे और प्रभावशाली बनाएगी।

अगर आप पात्र हैं, तो तीसरे चरण में आवेदन जरूर करें और अपने अधिकारों का लाभ उठाएं। योजना का लाभ लेने वाली हर महिला एक सशक्त भारत का निर्माण कर रही है।

“सशक्त नारी, सशक्त प्रदेश, समृद्ध भारत!”

FAQs: लाड़ली बहनों के सवाल

Q1: क्या योजना का नाम सच में बदल जाएगा?

हाँ, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने “देवी सुभद्रा योजना” नाम पर विचार करने का संकेत दिया है। आधिकारिक घोषणा जल्द होने की संभावना है। लाभार्थियों को इससे कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि योजना और मजबूत होगी।

Q2: क्या अविवाहित (Unmarried) लड़कियों को लाभ मिलेगा?

नहीं, फिलहाल यह योजना केवल विवाहित (Married) महिलाओं के लिए है। हालांकि, सरकार ने अविवाहित बेटियों के लिए भविष्य में विचार करने का संकेत दिया है। वर्तमान में 21-60 वर्ष की विवाहित महिलाएँ ही पात्र हैं।

Q3: पैसा नहीं आया तो क्या करें?

सबसे पहले चेक करें कि आपके बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) चालू है या नहीं। बैंक जाकर आधार लिंक करवाएं। या हेल्पलाइन 0755-2700800 पर कॉल करें। अगर नाम लिस्ट में है पर पैसा नहीं आया, तो अपने बैंक ब्रांच में जाएं और DBT स्टेटस चेक करवाएं।

Q4: क्या 2026 में नए फॉर्म भरे जाएंगे?

हाँ, लाड़ली बहना योजना 3.0 के तहत 25 फरवरी 2026 से नए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए ₹1857 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। अपने पंचायत सचिव या वार्ड पार्षद के संपर्क में रहें।

Q5: ₹3000 कब तक मिलेंगे?

सरकार ने स्पष्ट रोडमैप घोषित किया है:

  • ₹1750: अगली दीवाली तक (2026)
  • ₹2000: 2027 की दीवाली तक
  • ₹3000: 2028 तक

यह वादा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद विधानसभा में किया है।

Q6: क्या एकमुश्त राशि लेने का विकल्प है?

हाँ, सरकार ₹18,000 से ₹50,000 तक का एकमुश्त भुगतान विकल्प देने पर विचार कर रही है। इसका उपयोग महिलाएं अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने, दुकान खोलने या छोटा सा उद्योग लगाने में कर सकेंगी। विस्तृत दिशानिर्देश जल्द जारी होंगे।

Q7: आवास योजना कब शुरू होगी?

लाड़ली बहना आवास योजना पहले से ही चल रही है। जिन बहनों के पास पक्का घर नहीं है, उन्हें ₹1.5 लाख से ₹2.5 लाख तक की सहायता घर बनाने के लिए दी जा रही है। इसके लिए अलग से आवेदन करना होता है।

Q8: अटल पेंशन योजना से क्या लिंकेज होगा?

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने घोषणा की है कि लाड़ली बहना योजना को अटल पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा। इससे महिलाओं को बुढ़ापे में भी पेंशन मिल सकेगी। योजना के नियम जल्द जारी होंगे।

Q9: कितनी महिलाएं अभी तक लाभान्वित हुईं?

अभी तक 1.26 करोड़ महिलाएँ हर महीने लाभ प्राप्त कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य 2028 तक इसे 1.5 करोड़ तक पहुंचाना है।

Q10: क्या नाम बदलने से लाभार्थियों को कोई नुकसान होगा?

बिल्कुल नहीं। नाम बदलने से केवल योजना की पहचान और मजबूत होगी। सभी लाभार्थियों को उनका पूरा लाभ मिलता रहेगा। साथ ही नई सुविधाएं और लाभ जुड़ेंगे।

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