हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी रखने वालों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। इलाज के बाद क्लेम के दौरान होने वाली परेशानियों को देखते हुए अब बीमा कंपनियां कुछ जरूरी नियमों पर सख्ती से ध्यान देने को कह रही हैं। ऐसे में पॉलिसीधारकों के लिए यह जानना जरूरी है कि क्लेम के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
Health Insurance क्लेम से जुड़ा नया नियम क्या है?
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम के लिए अब सही और पूरा मेडिकल रिकॉर्ड देना अनिवार्य हो गया है। अस्पताल में भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज तक की सभी रिपोर्ट्स, बिल और डॉक्टर की सलाह सही तरीके से जमा करना जरूरी होगा।
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क्लेम करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
- इलाज से पहले या आपात स्थिति में बीमा कंपनी को समय पर सूचना दें
- अस्पताल का नाम नेटवर्क अस्पताल की सूची में हो
- सभी मेडिकल बिल और रिपोर्ट ओरिजिनल हों
- पॉलिसी में शामिल बीमारियों और शर्तों को पहले से जांच लें
कितने दिनों में मिलता है क्लेम का पैसा?
सभी दस्तावेज सही होने पर आमतौर पर 7 से 14 कार्यदिवस में क्लेम की राशि जारी कर दी जाती है। अधूरी जानकारी या गलत दस्तावेज होने पर क्लेम अटक सकता है।
पॉलिसीधारकों को क्यों सतर्क रहना चाहिए?
हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम में छोटी-सी चूक भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए इलाज के समय और क्लेम फाइल करते वक्त पॉलिसी की शर्तों को ध्यान से समझना जरूरी है।
संक्षेप में
- हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम के लिए पूरे मेडिकल दस्तावेज जरूरी
- नेटवर्क अस्पताल में इलाज कराने से प्रक्रिया आसान
- सही जानकारी देने पर क्लेम जल्दी मिलता है
यह खबर खासतौर पर उन लोगों के लिए जरूरी है, जो हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ लेने की योजना बना रहे हैं या जल्द क्लेम करने वाले हैं।