भारत के किसान अपनी फसल का बड़ा हिस्सा सही भंडारण की कमी के कारण खराब कर देते हैं। फसल कटने के बाद किसान को तुरंत बाजार में बेचना पड़ता है, भले ही कीमत कम हो। इसका नतीजा यह होता है कि किसान को उचित मूल्य नहीं मिलता और उनकी आय में भारी कमी आती है।
इसी समस्या को हल करने के लिए भारत सरकार ने AMI Scheme (Agriculture Ministry Infrastructure Scheme) यानी Warehouse Subsidy Scheme शुरू की है, जिसके तहत किसानों, कृषि उद्यमियों, और कृषि-आधारित व्यवसायों को अपने गोदाम (warehouse) निर्माण के लिए 50% तक की सब्सिडी दी जाती है। यह योजना खासतौर पर कृषि वस्तुओं के भंडारण और संरक्षण के लिए आधुनिक गोदाम बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है।
Related Articles:
- PM KUSUM योजना: 40-90% सोलर सब्सिडी + बिना किसी खर्च के सोलर पैनल
- PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: सब्सिडी, लाभ, पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया
- Solar Cold Storage Subsidy: किसानों को 35%–50% सरकारी सहायता कैसे मिलेगी?
AMI Scheme क्या है?
AMI Scheme (Agriculture Ministry Infrastructure Scheme) भारत सरकार के ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है जो कृषि वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण के लिए आधुनिक गोदाम (warehouse) बनाने में सहायता प्रदान करती है।
योजना का मुख्य उद्देश्य:
- किसानों और कृषि उद्यमियों को गोदाम निर्माण के लिए वित्तीय सहायता देना
- कृषि उत्पादों का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करना
- किसानों को समय पर बेचने का विकल्प देना ताकि सही मूल्य मिले
- Post-harvest losses को कम करना
- कृषि क्षेत्र में आधुनिक infrastructure विकसित करना
AMI Scheme की मुख्य विशेषताएं
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | AMI Scheme (Warehouse Subsidy) |
| सब्सिडी दर | 50% तक परियोजना लागत पर |
| अधिकतम सब्सिडी | ₹1 करोड़ तक (क्षेत्र और परियोजना के अनुसार अलग-अलग) |
| गोदाम की क्षमता | 1000 मीट्रिक टन से 50,000+ मीट्रिक टन तक |
| निवेश सीमा | ₹50 लाख से ₹3 करोड़ तक |
| लाभार्थी | किसान, किसान समूह, कंपनियां, सहकारी समितियां |
| भंडारण अवधि | साल भर (कम से कम 8-9 महीने) |
कौन आवेदन कर सकता है? (AMI Scheme)
पात्र आवेदक:
- व्यक्तिगत किसान – कम से कम 0.5 हेक्टेयर कृषि भूमि वाले
- Farmer Producer Organizations (FPOs) – पंजीकृत कृषक समूह
- सहकारी समितियां – कृषि सहकारी समितियां
- Private Entrepreneurs – कृषि और संबंधित क्षेत्रों में व्यवसायी
- Self-Help Groups (SHGs) – महिलाओं के समूह
- Companies और Corporations – कृषि-आधारित व्यवसाय
- Agri-businesses – खाद्य प्रसंस्करण, बीज बैंक, आदि
पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
- भूमि की स्वामित्व: अपनी जमीन हो या 15-20 वर्ष की रजिस्टर्ड लीज
- वित्तीय मजबूती: बैंक या वित्तीय संस्था से Term Loan स्वीकृत हो
- तकनीकी योग्यता: गोदाम सरकारी मानकों (civil structure, ventilation, drainage आदि) के अनुकूल हो
- न्यूनतम क्षमता: 1000 MT (कुछ राज्यों में भिन्न हो सकती है)
- स्थान: कृषि क्षेत्र या production hub में स्थित हो
- अन्य शर्तें: जमीन विवाद मुक्त हो, बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध हो
सब्सिडी का पैटर्न (Subsidy Pattern)
| क्षेत्र / Category | सब्सिडी दर | अधिकतम गोदाम क्षमता |
|---|---|---|
| सामान्य क्षेत्र | 50% | 50,000 MT तक |
| Tier-2 शहर | 50% | 50,000 MT तक |
| North-Eastern राज्य | 55-60% | कोई सीमा नहीं |
| हिल्ली क्षेत्र | 55% | 10,000 MT तक |
| Backward क्षेत्र | 60% | 25,000 MT तक |
| SC/ST लाभार्थी | 60% | 25,000 MT तक |
अधिकतम सब्सिडी राशि: सामान्यतः ₹50 लाख से ₹1 करोड़ तक, location और परियोजना के अनुसार।
AMI Scheme के तहत आने वाली परियोजनाएं
1. सामान्य गोदाम (General Warehouse)
- सीमेंट, खाद, बीज, अनाज आदि का भंडारण
- क्षमता: 1000 MT से 50,000 MT तक
- निवेश: ₹50 लाख से ₹3 करोड़
2. Cold Storage के साथ Warehouse
- ताजा फल, सब्जियों के लिए refrigerated storage
- क्षमता: 500-5000 MT
- निवेश: ₹1 करोड़ से ₹5 करोड़
3. Silos (अनाज भंडारण)
- अनाज के लिए विशेष भंडारण संरचना
- क्षमता: 500-10,000 MT
- निवेश: ₹50 लाख से ₹2 करोड़
4. Scientific Storage (वैज्ञानिक भंडारण)
- Temperature और Humidity control के साथ
- क्षमता: 1000-50,000 MT
- निवेश: ₹1 करोड़ से ₹4 करोड़
5. Processing Units के साथ Warehouse
- Food processing, drying, grading के साथ भंडारण
- क्षमता: 500-5000 MT
- निवेश: ₹1.5 करोड़ से ₹5 करोड़
6. Seed Storage / Seed Bank
- बीजों के लिए विशेष भंडारण
- क्षमता: 100-1000 MT
- निवेश: ₹30 लाख से ₹1 करोड़
आवेदन की प्रक्रिया (Step-by-Step Process) AMI Scheme
Step 1: पात्रता जांच (1-2 सप्ताह)
- AMI Scheme की पात्रता मानदंड को समझें
- स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क करें
Step 2: प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें (2-3 सप्ताह)
DPR में शामिल करें:
- भूमि का विवरण और नक्शा
- गोदाम की क्षमता और प्रकार
- निर्माण योजना
- कुल परियोजना लागत (विस्तृत cost breakdown)
- राजस्व प्रक्षेपण
- जोखिम विश्लेषण
Step 3: आवश्यक दस्तावेज संग्रहीत करें
- भूमि के दस्तावेज (ownership/lease)
- Aadhar, PAN, बैंक खाता विवरण
- किसान पंजीकरण (यदि लागू हो)
- कंपनी पंजीकरण प्रमाण पत्र (यदि कंपनी हो)
- सर्वे रिपोर्ट और नक्शे
- 3-4 suppliers से cost quotes
Step 4: आवेदन जमा करें
- अपने क्षेत्र के District Agriculture Office में आवेदन करें
- या State Warehouse Federation को आवेदन दें
- सभी दस्तावेज और DPR के साथ
Step 5: Technical Appraisal (2-3 सप्ताह)
- विभाग की team आपकी जमीन को देखेगी
- प्रोजेक्ट की feasibility जांचेगी
Step 6: Approval और Sanction (1-2 सप्ताह)
- अनुमति पत्र प्राप्त करें
- Sanctioned project cost और सब्सिडी राशि की जानकारी
Step 7: बैंक ऋण आवेदन
- अपने बैंक में Term Loan आवेदन करें
- NHB के अनुमति पत्र के साथ
- Loan approval के लिए 2-3 सप्ताह
Step 8: निर्माण कार्य शुरू करें
- Loan sanction के बाद construction शुरू करें
- सरकारी गुणवत्ता मानकों का पालन करें
Step 9: निर्माण पूर्ण करें (4-6 महीने)
- परियोजना को पूरा करें
- Final inspection के लिए तैयार हों
Step 10: अंतिम निरीक्षण और Subsidy Release
- विभाग की team final inspection करेगी
- Subsidy राशि बैंक खाते में transfer होगी
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज AMI Scheme
| दस्तावेज | विवरण |
|---|---|
| भूमि दस्तावेज | Land ownership या Registered lease deed |
| Identity Proof | Aadhar, PAN, Voter ID |
| Bank Details | बैंक खाता और statement (पिछले 6 महीने) |
| Project Report | DPR और Cost Estimate |
| Photographs | Land की photographs (4 sides) |
| पंजीकरण | किसान पंजीकरण, Co-operative certificate, आदि |
| Survey Report | Land survey और नक्शे |
निवेश का उदाहरण AMI Scheme
| परियोजना का प्रकार | क्षमता | कुल निवेश | सब्सिडी (50%) | आपका योगदान |
|---|---|---|---|---|
| छोटा गोदाम | 1000 MT | ₹50 लाख | ₹25 लाख | ₹25 लाख |
| मध्यम गोदाम | 5000 MT | ₹1.5 करोड़ | ₹75 लाख | ₹75 लाख |
| बड़ा गोदाम | 10,000 MT | ₹3 करोड़ | ₹1.5 करोड़ | ₹1.5 करोड़ |
AMI Scheme के लाभ
- 50% तक सब्सिडी: परियोजना लागत का बड़ा हिस्सा सरकार वहन करता है
- कम ब्याज दर पर Bank Loan: NABARD से जुड़े बैंकों से concessional दरें
- Long-term Financing: 7-10 साल की repayment period
- Post-Harvest Loss कम होना: सुरक्षित भंडारण से 10-20% नुकसान बचता है
- किसानों की आय बढ़ना: समयानुसार बेचने से बेहतर कीमत
- Storage से Revenue: गोदाम को rent पर दे सकते हैं
- Employment सृजन: स्थानीय स्तर पर रोजगार
- Export सुविधा: गुणवत्तापूर्ण उत्पाद निर्यात कर सकते हैं
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: क्या leased जमीन पर गोदाम बना सकते हैं?
A1: हाँ, 15-20 वर्ष की रजिस्टर्ड लीज होनी चाहिए और landowner की अनुमति आवश्यक है।
Q2: सब्सिडी के अलावा बैंक लोन भी मिलेगा?
A2: हाँ, सब्सिडी के साथ-साथ बैंक से 40-50% तक अतिरिक्त लोन ले सकते हैं।
Q3: गोदाम में कौन-कौन सी चीजें रख सकते हैं?
A3: अनाज, दाल, तिलहन, सब्जियां, फल, बीज, खाद, दवाइयां आदि कृषि उत्पाद रख सकते हैं।
Q4: महिलाओं को कोई अतिरिक्त लाभ है?
A4: हाँ, महिलाओं को सामान्य से अधिक सब्सिडी दी जाती है (55-60% तक)।
Q5: परियोजना पूरी करने में कितना समय लगता है?
A5: आवेदन से लेकर गोदाम के commissioning तक 9-12 महीने लग सकते हैं।
Q6: क्या मैं सब्सिडी प्राप्त करने के बाद गोदाम को किसी और काम में इस्तेमाल कर सकता हूँ?
A6: नहीं, कम से कम 10 वर्ष के लिए कृषि उत्पाद के भंडारण के लिए ही इस्तेमाल करना अनिवार्य है।
Q7: Rejection के बाद दोबारा आवेदन कर सकते हैं?
A7: हाँ, rejection के कारणों को समझकर अगले साल दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
Q8: गोदाम के तकनीकी मानदंड क्या हैं?
A8: उचित ventilation, drainage, fire safety, temperature control (यदि आवश्यक हो), और pest control व्यवस्था होनी चाहिए।
AMI Scheme के तहत लोन देने वाले बैंक
| बैंक | ब्याज दर | अधिकतम लोन राशि |
|---|---|---|
| SBI | 7-9% | 70% परियोजना लागत |
| NABARD-linked बैंक | 6-8% | 80% परियोजना लागत |
| सहकारी बैंक | 6-7% | 60-70% परियोजना लागत |
| RRBs (Regional Rural Banks) | 7-9% | 70% परियोजना लागत |
| ICICI / HDFC (Agri) | 8-10% | सीमित |
भारत के प्रमुख कृषि भंडारण क्षेत्र
- पंजाब: गेहूं और चावल का भंडारण
- महाराष्ट्र: सोयाबीन, गन्ना, दाल
- मध्य प्रदेश: दाल, मूंगफली, सोयाबीन
- कर्नाटक: कॉफी, ताड़ का तेल, मसाले
- तमिलनाडु: चावल, नारियल, मसाले
- उत्तर प्रदेश: गेहूं, चावल, गन्ना
- बिहार: दाल, तिलहन, सब्जियां
आवेदन से पहले महत्वपूर्ण बातें
- Market Research: अपने क्षेत्र में कौन-कौन से कृषि उत्पाद की storage की मांग है?
- Location का चयन: मुख्य बाजार और परिवहन सुविधा के पास स्थान चुनें।
- Technical Support: एक qualified engineer से परामर्श लें।
- Financial Planning: बैंक से pre-approval के बाद ही आवेदन दें।
- Government Norms: सभी government standards और guidelines को समझ लें।
संपर्क जानकारी और सहायता
- State Warehouse Federation (अपने राज्य के लिए)
- District Agriculture Office
- NABARD Regional Office
- अपना स्थानीय बैंक (SBI/RRB/Co-operative Bank)
AMI Scheme
AMI Scheme (Warehouse Subsidy 50%) किसानों, कृषक समूहों, और कृषि उद्यमियों के लिए एक शानदार अवसर है। 50% सब्सिडी, कम ब्याज दर पर बैंक लोन, और दीर्घकालीन वित्तीय सहायता के साथ, आधुनिक गोदाम बनाना अब आसान है।
सही गोदाम से आप न सिर्फ अपनी उपज को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि सही समय पर बेचकर अधिक लाभ भी कमा सकते हैं। अगर आप कृषि उत्पादों का भंडारण और विपणन करना चाहते हैं, तो आज ही AMI Scheme के तहत आवेदन करें।
अपना गोदाम बनाएं, अपनी आय बढ़ाएं, और कृषि व्यवसाय में सफल बनें!