बेंगलुरु : मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को कर्नाटक विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹4,48,004 करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश किया। यह न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला बजट है, बल्कि इसमें ‘नम्मा बेंगलुरु’ (Namma Bengaluru) के बुनियादी ढांचे और ग्रामीण कर्नाटक के कल्याण के बीच एक सटीक संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
बेंगलुरु के लिए ‘ब्रांड बेंगलुरु’ विजन
कर्नाटक की राजधानी को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए सरकार ने भारी निवेश की घोषणा की है:
• मेट्रो और कनेक्टिविटी: ‘नम्मा मेट्रो’ (Namma Metro) के विस्तार के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है, जिसमें चरण-3 के कार्यों में तेजी लाना शामिल है।
• सड़क अवसंरचना: शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए 158 किलोमीटर सड़कों की व्हाइट-टॉपिंग की जाएगी।
• बाढ़ नियंत्रण: विश्व बैंक की सहायता से बेंगलुरु में बाढ़ रोकने और ड्रेनेज सिस्टम सुधारने के लिए ₹5,000 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है।
बजट की प्रमुख घोषणाएं और ’11G मॉडल’
मुख्यमंत्री ने ’11G मॉडल’ पेश किया, जो 11 प्रमुख विकास स्तंभों (जैसे विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, और नवाचार) पर आधारित है।
1. सोशल मीडिया पर प्रतिबंध (एक सराहनीय कदम)
इस बजट का सबसे चर्चित बिंदु 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। सरकार का तर्क है कि इससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार होगा।
2. स्वास्थ्य और शिक्षा (Health & Education)
• इंसुलिन और आईवीएफ: राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इंसुलिन की आपूर्ति और बेंगलुरु व कलबुर्गी में सरकारी आईवीएफ (IVF) केंद्रों की स्थापना।
• भर्ती अभियान: शिक्षा विभाग में 15,000 शिक्षकों और पुलिस विभाग में 8,000 कर्मियों की नई भर्ती की घोषणा की गई है।
3. किसान और कृषि कल्याण
कर्नाटक के 38 लाख किसानों को ₹30,000 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण (intrest free loan) देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सौर कृषि योजना के माध्यम से खेती को आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया है।
जीएसटी (GST) विवाद और वित्तीय चुनौतियां
सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार पर वित्तीय भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में बदलाव के कारण कर्नाटक को भारी राजस्व हानि हुई है।
• राजस्व में बड़ा घाटा: चालू वित्त वर्ष में ₹10,000 करोड़ और अगले वर्ष ₹15,000 करोड़ का नुकसान होने की आशंका है।
• राजस्व लक्ष्य: बजट घाटे को पाटने के लिए राजास्व विभाग (Excise) के लिए ₹45,000 करोड़ का राजस्व संग्रह लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
क्या यह बजट आम आदमी के लिए है?
सिद्धारमैया का 17वां बजट एक ओर जहाँ ‘गृह लक्ष्मी’ और ‘शक्ति’ जैसी पुरानी गारंटी योजनाओं को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताता है, वहीं दूसरी ओर ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)’ और डिजिटल लाइब्रेरी जैसे भविष्योन्मुखी कदमों पर भी ध्यान केंद्रित करता है। विपक्ष ने इसे “कर्ज का बोझ” बताया है, लेकिन सरकार इसे “समावेशी विकास” की दिशा में एक बड़ा कदम मान रही है।
